GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1.74 करोड़ से ज्यादा जमा

Rajasthan GST Action: कर अपवंचना पर शिकंजा, 1.74 करोड़ से ज्यादा जमा

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GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, कर अपवंचना पर शिकंजा; 1.74 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा

 राजस्थान में कर अपवंचना और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने के मामलों पर वाणिज्यिक कर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में कई कारोबारियों के व्यावसायिक परिसरों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के बिल जारी करने, अपात्र ITC का दावा करने, रिटर्न में गड़बड़ी और संदिग्ध लेन-देन जैसे मामले सामने आए। इन मामलों में करीब 1.93 करोड़ रुपये की संभावित कर देयता सामने आई है। वहीं, संबंधित करदाताओं ने 1.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा या रिवर्स की है।

पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ की ITC रिवर्स

जयपुर स्थित पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो के परिसर का 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1,38,88,072 रुपये की IGST ITC का मामला सामने आया, जिसका नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया गया था।

विभाग ने करदाता को ITC रिवर्सल से जुड़े नियमों की जानकारी दी। इसके बाद करदाता ने पूरी 1,38,88,072 रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कर दी। विभाग अब संबंधित अवधि के रिटर्न और अन्य रिकॉर्ड की आगे जांच कर रहा है।

अलवर सोल्वेक्स में आग से हुए नुकसान की जांच

अलवर स्थित अलवर सोल्वेक्स का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। इस मामले में करीब 30 लाख रुपये की संभावित राशि सामने आई है।

जांच का मुख्य बिंदु 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना और उससे जुड़े ITC व स्टॉक के नुकसान से संबंधित है। विभाग के अनुसार यहां एवीएल एग्री बिजनेस लिमिटेड के लिए सरसों तेल की पैकिंग का काम किया जाता है और आग के समय परिसर में मौजूद स्टॉक उसी कंपनी का था।

मौके पर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितंबर को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है।

खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जमा किए 10 लाख

अलवर की खेरलीवाला प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई। मामले में करीब 12 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया।

जांच के दौरान करदाता ने 10 लाख रुपये स्वेच्छा से जमा किए। विभाग की टीम ने मौके पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया।

गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग की आशंका

सुजानगढ़ क्षेत्र स्थित गायत्री स्टोन क्रशर का भी 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभाग के डेटा विश्लेषण में कई तरह की गड़बड़ियों की आशंका सामने आई।

इनमें सर्कुलर ट्रेडिंग, बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के इनवॉइस जारी करना, RCM में अंतर और टर्नओवर छिपाना शामिल हैं।

मामले में करीब 10.15 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दैनिक बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख की ITC जांच

सवाई माधोपुर जिले के खंडार स्थित शिव ऑयल इंडस्ट्रीज का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 16,61,504 रुपये और 2023-24 में 12,37,080 रुपये की ITC के उपयोग का मामला सामने आया।

दोनों वर्षों को मिलाकर यह राशि 28,98,584 रुपये है। विभाग अब इस ITC की पात्रता की जांच कर रहा है।

मौके पर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा और बयान तैयार किए गए। इस मामले में 15 लाख रुपये की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई है।

राधे कृष्णा टिम्बर्स से दस्तावेज जब्त, 10 लाख जमा

डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित राधे कृष्णा टिम्बर्स का 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। प्लाईवुड और टिम्बर कारोबार को कर अपवंचना की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए विभाग ने जांच की।

विभाग को बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री और ITC के जरिए कर देयता कम किए जाने की आशंका मिली। मामले में करीब 12 लाख रुपये की संभावित राशि का आकलन किया गया।

करदाता ने 10 लाख रुपये कैश लेजर के माध्यम से स्वेच्छा से जमा किए। अब खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकें और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

कर चोरी के मामलों पर विभाग की नजर

वाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर अपवंचना, फर्जी बिलिंग, सर्कुलर ट्रेडिंग और अपात्र ITC के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

विभाग का कहना है कि ईमानदारी से टैक्स जमा करने वाले कारोबारियों को प्रोत्साहित करना और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना प्राथमिकता है।

इन सभी मामलों में आगे की जांच दस्तावेजों, लेखा पुस्तकों, GST रिटर्न और डिजिटल डेटा के आधार पर की जाएगी। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी

GOLDEN HIND DESK