मदन राठौड़ के बयान पर विवाद: बोले- भारत-पाकिस्तान मैच में भारत की हार पर पटाखे फोड़ने वाले देशभक्त नहीं, अमेरिका से मुकाबले में पाकिस्तान का साथ देने की बात पर मचा बवाल
राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। पाकिस्तान, अमेरिका और भारत के क्रिकेट मैच को लेकर दिए गए उनके बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राठौड़ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच में अगर भारत हार जाता है और कोई व्यक्ति इस हार पर पटाखे फोड़कर जश्न मनाता है, तो उसे देशभक्त नहीं कहा जा सकता। वहीं, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच होता है, तो वे पाकिस्तान का समर्थन करेंगे, क्योंकि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है।
मदन राठौड़ का यह बयान जयपुर स्थित प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान सामने आया। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, शुक्रवार को राठौड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के विरोध को लेकर उनका रुख बिल्कुल साफ है।
भारत की हार पर पटाखे फोड़ने वालों पर साधा निशाना
मदन राठौड़ ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर दोनों देशों के बीच मुकाबला होता है और दुर्भाग्य से भारत हार जाता है, तो उस हार पर पटाखे फोड़कर जश्न मनाने वाले लोग देशभक्त नहीं हैं।
उनके इस बयान का मुख्य संदेश भारत के प्रति निष्ठा और देशभक्ति से जुड़ा था। राठौड़ ने ऐसे लोगों पर सवाल उठाया, जो भारतीय टीम की हार पर खुशी मनाते हैं। उनके अनुसार, खेल में किसी टीम की जीत या हार से अलग देश के प्रति सम्मान और निष्ठा महत्वपूर्ण है।
हालांकि, उनके बयान का दूसरा हिस्सा भी चर्चा का विषय बन गया। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने की स्थिति में पाकिस्तान का समर्थन करने की बात ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया। राठौड़ ने इसके पीछे पड़ोसी देश होने का तर्क दिया था।
बयान पर विवाद के बाद मदन राठौड़ ने दी सफाई
बयान को लेकर चर्चा बढ़ने के बाद मदन राठौड़ ने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विरोध को लेकर उनका रुख स्पष्ट है और उनके बयान को उसके संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए।
राठौड़ की सफाई के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके बयान के किस हिस्से को किस संदर्भ में समझा जाना चाहिए, इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की आधिकारिक प्रतिक्रिया का दावा नहीं किया जा सकता।
एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित हुआ था सेमिनार
जयपुर स्थित प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर सेमिनार आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। जयपुर के अलावा अन्य जिलों से भी कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे थे।
इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
सेमिनार में देशभक्ति, सामाजिक एकता और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास जैसे मुद्दों पर भी राठौड़ ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक नागरिक विकास करे, यही भाजपा की प्राथमिकता है।
मुस्लिम समाज को लेकर भी बोले मदन राठौड़
कार्यक्रम के दौरान मदन राठौड़ ने मुस्लिम समाज को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नाम पर डराती है।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता मुस्लिम भाइयों के मन में यह डर पैदा करते हैं कि आरएसएस उनके खिलाफ है। इसके जवाब में उन्होंने संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के विचारों का उल्लेख किया।
राठौड़ के मुताबिक, भागवत का कहना है कि कोई भी व्यक्ति अपनी धार्मिक पद्धति के अनुसार धर्म का पालन कर सकता है, लेकिन सबसे पहले देशभक्त होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रति निष्ठा रखने वाला प्रत्येक नागरिक राष्ट्र का हिस्सा है और सभी को मिलकर रहना चाहिए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब संघ प्रमुख इस तरह की बात कहते हैं, तो मुस्लिम समाज के लोगों को डराने की जरूरत क्यों पड़ती है। यह बयान देकर उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए।
‘खुद पर किसी की छाप मत लगने दो’
मदन राठौड़ ने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि वे अपनी पहचान को लेकर किसी के दबाव में न आएं। उन्होंने अच्छे कामों की सराहना करने और गलत कामों का विरोध करने की बात कही।
राठौड़ ने कहा कि समाज के लोगों को किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी व्यक्ति के काम का मूल्यांकन उसके काम के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने भाजपा की ओर से अल्पसंख्यक समाज को प्रतिनिधित्व देने का उदाहरण भी पेश किया। राठौड़ ने बताया कि पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती को स्टार प्रचारक बनाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता देश के हर नागरिक का विकास करना है। उनके इस बयान को मुस्लिम समाज के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने और कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
‘ये मेरे खिलाफ षड्यंत्र’, राठौड़ ने क्या कहा?
मदन राठौड़ ने अपने खिलाफ हो रही राजनीतिक चर्चा को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में किसी विशेष व्यक्ति या संगठन के खिलाफ ठोस प्रमाण की जानकारी सामने नहीं है।
राजनीति में नेताओं के बयानों को लेकर विवाद होना आम बात है, लेकिन ऐसे मामलों में बयान का पूरा संदर्भ समझना जरूरी होता है। राठौड़ ने भी अपनी सफाई में यही कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
‘चोर को सब चोर नजर आते हैं’ बयान भी रहा था चर्चा में
मदन राठौड़ इससे पहले विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साध चुके हैं। करीब 10 दिन पहले उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि जो जैसा होता है, वह दूसरों के बारे में भी वैसा ही सोचता है।
उन्होंने कहावत का उल्लेख करते हुए कहा था कि चोर को सब चोर नजर आते हैं। राठौड़ ने इस टिप्पणी के जरिए कांग्रेस पर पलटवार किया था और आरोप लगाया था कि विपक्ष बिना आधार के भाजपा पर आरोप लगा रहा है।
सोनिया गांधी की मतदाता सूची में नाम को लेकर भी उठाए थे सवाल
मदन राठौड़ ने कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के मतदाता बनने को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं। उन्होंने इस मामले को वोट चोरी के आरोपों से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था।
इन बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चर्चा में रहा है।
राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज
मदन राठौड़ का ताजा बयान क्रिकेट, देशभक्ति और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे के कारण चर्चा में आया है। एक तरफ उन्होंने भारतीय टीम की हार पर पटाखे फोड़ने वालों को देशभक्त नहीं मानने की बात कही, तो दूसरी तरफ अमेरिका और पाकिस्तान के मुकाबले में पाकिस्तान का समर्थन करने की बात कही।
बयान को लेकर विवाद बढ़ने पर राठौड़ ने इसे संदर्भ से हटाकर पेश किए जाने की बात कही है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बयानबाजी सामने आने की संभावना है।
मदन राठौड़ का पाकिस्तान और क्रिकेट से जुड़ा बयान राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। वहीं, उनके बयान के साथ मुस्लिम समाज, आरएसएस और कांग्रेस को लेकर की गई टिप्पणियों ने भी राजनीतिक बहस को हवा दी है।
GOLDEN HIND DESK