राजस्थान में महिलाओं को CM की सौगात, 100 नई कालिका यूनिट शुरू

राजस्थान में 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू, महिला पुलिस को भत्ता

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राजस्थान में महिलाओं को नवरात्रि पर CM भजनलाल शर्मा की सौगात, 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू; महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा मासिक यात्रा भत्ता

राजस्थान में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवरात्रि के अवसर पर 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट में तैनात महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, बालिका संरक्षण, साइबर अपराधों से बचाव और सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ी यूथ कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG) की महिला सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के अनुभव सुने और उनके सुझावों की जानकारी ली। इसके बाद 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा मासिक यात्रा भत्ता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ाने के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने की घोषणा की। यह भत्ता पुलिस थानों और चौकियों में तैनात कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को दिए जाने वाले भत्ते की तर्ज पर होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि अपराधों को रोकना, असामाजिक तत्वों में कानून का डर पैदा करना और महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना भी है।

उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे अपनी ड्यूटी संवेदनशीलता, समर्पण, अनुशासन और साहस के साथ निभाएं। महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह उनकी गरिमा, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से भी जुड़ा हुआ है।

2023 के मुकाबले महिला अपराधों में 48 प्रतिशत तक कमी का दावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2026 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में वर्ष 2023 की तुलना में लगभग 48 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों की जांच का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, महिला सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सक्रियता से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाई दे रहा है। हालांकि, ये आंकड़े कार्यक्रम में सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं।

55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की ओर से अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा करीब 50 लाख महिलाओं और बालिकाओं को कानून के प्रति जागरूक किया गया है।

साइबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 18 लाख से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है। वहीं, 16.70 लाख से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है।

इन अभियानों का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके समझाना और जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करना है।

महिला हेल्पलाइन 1090 पर 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण

महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य में एंटी रोमियो स्क्वॉड और महिला हेल्पलाइन के माध्यम से भी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड काम कर रहे हैं।

वहीं, पिछले लगभग तीन वर्षों में महिला हेल्पलाइन 1090 के माध्यम से 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी देने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है।

इसके अलावा अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से प्रदेशभर में 12,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जानकारी भी कार्यक्रम में दी गई।

यूथ CLG और पुलिस मित्रों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग को महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल होने से अपराधों की रोकथाम में मदद मिल सकती है।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सामुदायिक पुलिसिंग पहल के तहत 2.60 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ CLG सदस्य, 83 हजार से अधिक CLG सदस्य, 40 हजार से ज्यादा पुलिस मित्र और 29 हजार से अधिक ग्राम रक्षक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस थानों में इन समूहों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही, गांवों और शहरी क्षेत्रों में महिला सुरक्षा, कानून और नागरिकों के अधिकारों को लेकर जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं।

स्कूल-कॉलेज, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से सुनना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। पीड़ित महिला की निजता और गरिमा की रक्षा करते हुए उसे जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक परिवहन स्थलों, कार्यस्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार पुलिस पर आम जनता का भरोसा है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की सहायता करने के लिए आगे आएं।

पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुद्रा योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कालिका यूनिट की सक्रियता से महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला सुरक्षा के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इन यूनिटों को मजबूत करना जरूरी है।

कार्यक्रम में जयपुर शहर की सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिला पुलिसकर्मी और यूथ CLG की महिला सदस्य भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़ीं।

राजस्थान में 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू होने और महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक यात्रा भत्ते की घोषणा से महिला सुरक्षा अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। सरकार ने अपराधों में कमी, साइबर सुरक्षा जागरूकता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सामुदायिक पुलिसिंग के आंकड़े भी साझा किए हैं। अब इन पहलों का प्रभाव जमीनी स्तर पर किस तरह दिखाई देता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।

GOLDEN HIND DESK