म्यूनिख से लौटते समय आया हार्ट अटैक, भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का निधन

भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, राजस्थान के निशानेबाजों में शोक की लहर

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भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, राजस्थान के निशानेबाजों ने खोया अपना मार्गदर्शक

जयपुर 

भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के प्रतिष्ठित निशानेबाज और शूटिंग कोच जसपाल राणा के निधन की खबर ने खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। बताया जा रहा है कि म्यूनिख से लौटने के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय निशानेबाजी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राजस्थान के खिलाड़ियों और कोचों के लिए यह क्षति और भी बड़ी है, क्योंकि जसपाल राणा का जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज और राज्य के युवा निशानेबाजों से विशेष जुड़ाव रहा था।

जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे जिन्होंने देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। अपने खेल करियर के दौरान उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया और भारत को अनेक पदक दिलाए। उनकी उपलब्धियों ने न केवल भारतीय शूटिंग को नई पहचान दी बल्कि हजारों युवाओं को इस खेल की ओर आकर्षित भी किया।

राजस्थान के निशानेबाजों के बीच जसपाल राणा का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता था। जयपुर स्थित जगतपुरा शूटिंग रेंज में वे कई बार प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के दौरान पहुंचे। यहां उन्होंने उभरते खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और अनुशासन का महत्व भी समझाया। कई युवा खिलाड़ियों का मानना है कि जसपाल राणा के मार्गदर्शन ने उनके करियर को नई दिशा दी।

राजस्थान में शूटिंग खेल के विकास में भी जसपाल राणा की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है। राज्य में जब भी बड़े स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, तब उनका सहयोग और मार्गदर्शन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता था। उन्होंने हमेशा यह कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है।

उनकी इसी सोच का असर राजस्थान के अनेक युवा निशानेबाजों पर देखने को मिला। कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। इनमें से कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अपने शुरुआती दिनों में जसपाल राणा से प्रशिक्षण या प्रेरणा प्राप्त की थी।

जसपाल राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी कोच भी थे। खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने पर लगाया। उनका मानना था कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही दिशा और अवसर प्रदान करने की है। इसी सोच के साथ उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद की।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि जसपाल राणा की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे खिलाड़ियों की तकनीकी कमियों को बहुत जल्दी पहचान लेते थे। वे केवल शूटिंग तकनीक पर ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी की मानसिक तैयारी, आत्मविश्वास और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने की क्षमता पर भी विशेष ध्यान देते थे। यही कारण था कि उनके प्रशिक्षण में तैयार हुए कई खिलाड़ी बाद में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल साबित हुए।

राजस्थान के खेल जगत में उनके निधन की खबर के बाद शोक का माहौल है। कई खिलाड़ियों, कोचों और खेल संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। खिलाड़ियों ने कहा कि जसपाल राणा जैसे व्यक्तित्व बहुत कम देखने को मिलते हैं, जो अपनी उपलब्धियों के बावजूद हमेशा नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहते हैं।

जगतपुरा शूटिंग रेंज से जुड़े कई खिलाड़ियों ने बताया कि जब भी जसपाल राणा जयपुर आते थे, तो युवा खिलाड़ियों के बीच उत्साह का माहौल बन जाता था। वे खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते थे, उनकी समस्याएं सुनते थे और उन्हें सुधार के सुझाव देते थे। उनके सरल स्वभाव और सहज व्यवहार के कारण खिलाड़ी उनसे खुलकर संवाद कर पाते थे।

भारतीय शूटिंग के इतिहास में जसपाल राणा का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। उन्होंने अपने प्रदर्शन से देश को गौरव दिलाया और बाद में कोच के रूप में नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

राजस्थान के खेल प्रेमियों का मानना है कि जसपाल राणा का योगदान केवल पदकों तक सीमित नहीं था। उन्होंने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास पैदा किया, उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी और यह विश्वास दिलाया कि कठिन परिश्रम के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक महान खिलाड़ी, कुशल प्रशिक्षक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया है। यह क्षति ऐसी है जिसकी भरपाई आसानी से संभव नहीं है। खेल जगत में उनके योगदान, उपलब्धियों और मार्गदर्शन को हमेशा याद रखा जाएगा।

जसपाल राणा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ी, उनके विचार और भारतीय निशानेबाजी के लिए उनका योगदान उन्हें हमेशा अमर बनाए रखेगा। राजस्थान सहित पूरे देश के खेल प्रेमी उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते रहेंगे।

Golden Hind Desk