लोकसेवक द्वारा भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

विधायक निधि में भ्रष्टाचार की खबरों पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख, 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी उच्च स्तरीय समिति

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जयपुर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए-लैड) में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी लोकसेवक द्वारा भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है और जनधन के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह) श्री भास्कर सावंत की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के गठन के निर्देश दिए हैं। समिति में शासन सचिव पंचायती राज जोगाराम तथा शासन सचिव वित्त (बजट) श्री राजन विशाल को सदस्य बनाया गया है, जबकि विशिष्ट शासन सचिव, गृह विभाग मनीष गोयल को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह समिति 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी

जांच प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देश पर खींसवर, हिण्डौन एवं बयाना विधानसभा क्षेत्रों के विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि खातों को फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही अब तक अनुशंसित एवं स्वीकृत सभी कार्यों के क्रियान्वयन और भुगतान की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी मुख्य सचेतक द्वारा यह प्रकरण संबंधित विधायकों के विरुद्ध जांच हेतु विधानसभा की सदाचार समिति के समक्ष रखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को प्रेषित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी इस प्रकरण पर संज्ञान लिया है।