राजस्थान : नीमराना उपखंड के घीलौट औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना सामने आई, जहां AC बनाने वाली ट्रांस AC कंपनी में भीषण आग लग गई।
आग सुबह करीब 3 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री परिसर में फैल गई। आग इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जैसे ही घटना की सूचना मिली, दमकल विभाग तुरंत हरकत में आया और अलग-अलग क्षेत्रों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
आग बुझाने के लिए नीमराना इंडियन जोन, जापानी जोन, बहरोड़ नगर परिषद, सोतनाला, कोटपूतली और शाहजहांपुर समेत कई स्थानों से कुल 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए और करीब साढ़े चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व फायर ऑफिसर मेघराज यादव और घीलौट दमकल केंद्र के प्रभारी मंजीत ने किया। दमकल विभाग की टीमों ने तेजी और समन्वय के साथ काम करते हुए आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास की अन्य फैक्ट्रियों को बड़े नुकसान से बचाया जा सका।
बताया जा रहा है कि जिस कंपनी में आग लगी, वह वोल्वो बसों और ट्रेनों के लिए एयर कंडीशनर (AC) बनाने का काम करती है। आग के कारण फैक्ट्री के अंदर रखी मशीनें, कच्चा माल और तैयार उत्पाद बुरी तरह जलकर नष्ट हो गए। शुरुआती आकलन के मुताबिक इस हादसे में कंपनी को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। चारुल गुप्ता और प्रक्रिता चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर को घेरकर स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित किया।
गनीमत रही कि आग लगने के समय फैक्ट्री में कर्मचारियों की संख्या कम थी, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास की फैक्ट्रियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी हो सकती है। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम की जरूरत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए नियमित जांच, आधुनिक उपकरणों का उपयोग और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
Golden Hind Desk