डोटासरा–जूली की जोड़ी से कांग्रेस को नई मजबूती

कांग्रेस में नया ताकतवर गठबंधन, डोटासरा–टीकाराम जूली की जोड़ी से संगठन को मिली नई धार

d

राजस्थान: राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में एक नया और ताकतवर गठबंधन उभरकर सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की जोड़ी पार्टी संगठन को फिर से मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। संगठनात्मक फैसलों से लेकर सदन और सड़क तक, दोनों नेताओं की रणनीति को पार्टी के भीतर सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।


संगठन में दिख रही नई सक्रियता

पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस संगठन में जो सक्रियता नजर आई है, उसके पीछे डोटासरा और जूली की साझा रणनीति मानी जा रही है। जिला स्तर पर नियुक्तियों, कार्यकर्ताओं की बैठकों और आंदोलनात्मक कार्यक्रमों में समन्वय साफ दिखाई दे रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लंबे समय बाद कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक संगठित और स्पष्ट हुई है।


सदन में सरकार पर आक्रामक रुख

विधानसभा के भीतर टीकाराम जूली ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में सरकार को बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं और महंगाई जैसे मुद्दों पर लगातार घेरा है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा संगठन के माध्यम से इन मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इससे कांग्रेस को एक साथ सड़क और सदन दोनों मोर्चों पर मजबूती मिली है।


लोकसभा चुनावों में भूमिका को मिली सराहना

लोकसभा चुनावों के दौरान भी डोटासरा–जूली की जोड़ी की रणनीति की पार्टी के भीतर सराहना की जा रही है। चुनावी प्रबंधन, उम्मीदवार चयन पर फीडबैक और जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में दोनों नेताओं की भूमिका को अहम माना गया। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राजस्थान में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर बनाने में यह समन्वय निर्णायक साबित हुआ।


गुटबाजी से ऊपर उठने की कोशिश

राजस्थान कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी की राजनीति से जूझती रही है। ऐसे में डोटासरा और जूली की जोड़ी को गुटों से ऊपर उठकर संगठन को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यदि यह तालमेल बरकरार रहता है तो कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में मजबूत विकल्प बनकर उभर सकती है।


केंद्रीय नेतृत्व की भी नजर

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व भी राजस्थान में उभर रहे इस नए पावर सेंटर पर नजर बनाए हुए है। संगठनात्मक मजबूती और विपक्ष की भूमिका को देखते हुए दोनों नेताओं को भविष्य में और बड़ी जिम्मेदारियां मिलने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।


निष्कर्ष

डोटासरा और टीकाराम जूली की जोड़ी ने राजस्थान कांग्रेस को एक नई दिशा देने की कोशिश शुरू कर दी है। संगठनात्मक मजबूती, आक्रामक विपक्ष और चुनावी रणनीति के संतुलन ने पार्टी में नई ऊर्जा भरी है। आने वाले समय में यह गठबंधन कांग्रेस की सियासत को किस दिशा में ले जाता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी रहेंगी।