जैसलमेर : जैसलमेर में RSS प्रमुख मोहन भागवत का एकता का संदेश
राजस्थान के Jaisalmer में आयोजित चादर महोत्सव कार्यक्रम में Mohan Bhagwat ने समाज में एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आज समाज में आक्रमण इसलिए हो रहे हैं क्योंकि हम बंटे हुए हैं और अपनी शक्ति को पहचान नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंथ और संप्रदाय अलग हो सकते हैं, लेकिन संस्कृति, देश और समाज के नाते हम सभी एक हैं।
भेद और स्वार्थ को तिलांजलि देने की अपील
भागवत ने कहा कि अगर समाज के लोग भेदभाव और स्वार्थ को छोड़कर देश के लिए समर्पित हो जाएं तो समाज में एकता और शांति स्थापित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि समय कठिन है और हमें आज से ही सद्भाव की शुरुआत करनी चाहिए। अगर हर व्यक्ति एक-दूसरे को परिवार की तरह माने और सुख-दुख में साथ खड़ा रहे तो समाज मजबूत बनेगा।
सोनार किले में किए दर्शन
जैसलमेर दौरे के दौरान मोहन भागवत ई-रिक्शा में बैठकर ऐतिहासिक Jaisalmer Fort पहुंचे। यहां उन्होंने Parshvanath Jain Temple में दर्शन-पूजन किया और जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार के भी दर्शन किए।
इसके बाद वे Dedasar Mela Ground में आयोजित तीन दिवसीय चादर महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए और सभा को संबोधित किया।
संत जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी का बयान
कार्यक्रम में संत Jinmaniprabha Suriwarji Maharaj ने कहा कि जैन समाज को हिंदुओं से अलग समझने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वालों का पहला धर्म हिंदू है और जैन धर्म भगवान Mahavira की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग है।
राजस्थानी साफा पहनाकर हुआ स्वागत
कार्यक्रम के दौरान जैसलमेर के देदांसर मेला ग्राउंड में मंच पर मोहन भागवत का राजस्थानी साफा पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
Golden Hind Desk