जयपुर: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तीखा सियासी टकराव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सत्ता में रहते हुए अपनाए गए राजनीतिक तौर-तरीकों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है और इसका नतीजा यह है कि अब तक 400 से अधिक लोग जेल भेजे जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस बार-बार जांच एजेंसियों और सरकार की मंशा पर सवाल उठाती रही है, लेकिन अब उसे यह तय करना चाहिए कि वह खुद को “छोटी मछली” मानती है या फिर “बड़ा मगरमच्छ”। सीएम के इस बयान को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और उसके शीर्ष नेतृत्व पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, घोटाले और भ्रष्टाचार आम बात हो गई थी। लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया गया और दोषियों को राजनीतिक संरक्षण मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने के बड़े-बड़े दावे तो किए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट रही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सत्ता में आने के बाद से ही “जीरो टॉलरेंस नीति” पर काम कर रही है। चाहे मामला कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं और सरकार किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप नहीं कर रही।
सीएम भजनलाल शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ की गई कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस की ओर से भी पलटवार के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से हटाने के लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा उछाल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को अपने सबसे मजबूत राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। युवा मतदाता और मध्यम वर्ग इन मुद्दों पर बेहद संवेदनशील है और सरकार इस वर्ग को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीएम भजनलाल शर्मा का यह बयान सिर्फ कांग्रेस पर हमला भर नहीं है, बल्कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत भी देता है। भाजपा सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।