जयपुर: राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में लगभग 960 करोड़ रुपये के गबन में संलिप्त 10 अधिकारियों और बिचौलियों को गिरफ्तार किया है।
???? मामले का विवरण
जांच में सामने आया कि विभिन्न अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की।
-
कथित रूप से कई पाइपलाइन और कार्यों को पूरा दिखाकर, फर्जी सर्टिफिकेटों के आधार पर धन का गबन किया गया।
-
ACB ने राजस्थान के साथ-साथ दिल्ली और बिहार में भी छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा।
???? गिरफ्तार प्रमुख लोग
-
दिनेश गोयल – चीफ इंजीनियर
-
के.डी. गुप्ता – वरिष्ठ अभियंता
-
शुभांशु दीक्षित – अतिरिक्त मुख्य अभियंता
-
सुशील शर्मा – वित्तीय सलाहकार
-
नीरिल कुमार – मुख्य अभियंता, चूरू
-
विशाल सक्सेना – कार्यपालक अभियंता (निलंबित)
-
अरुण श्रीवास्तव – रिटायर्ड अभियंता
-
डी.के. गौड़ – रिटायर्ड तकनीकी अधिकारी
-
महेंद्र प्रकाश सोनी – रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता
-
मुकेश पाठक – कथित मास्टरमाइंड
सभी आरोपियों को ACB कोर्ट में पेश किया गया है, जहाँ उनकी रिमांड प्रक्रिया जारी है।
???? मुख्य बातें
-
कुल घोटाले की राशि लगभग 960 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
-
फर्जी सर्टिफिकेट और नकली कार्य पूरा होने के प्रमाण पत्रों के जरिए धन का गबन किया गया।
-
इस घोटाले से JJM की योजनाओं को गंभीर नुकसान हुआ।
???? आगे की कार्रवाई
-
ACB की विशेष जांच टीम (SIT) मामले की गहराई से जांच कर रही है।
-
अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।
-
आने वाले हफ्तों में चार्जशीट और कोर्ट में आगे की सुनवाई की संभावना है।
???? निष्कर्ष
यह मामला राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश है। ACB की कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि बड़े घोटालों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।