जयपुर: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने Sariska Tiger Reserve के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संरक्षित क्षेत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जो न केवल पर्यावरण के खिलाफ है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के दावों पर भी सवाल खड़े करता है।
खदानों और रिसॉर्ट्स को फायदा पहुंचाने का आरोप
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से CTH क्षेत्र को बफर जोन में बदलने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि ऐसा करने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा बंद की गई 100 से अधिक खदानों और कई रिसॉर्ट्स को दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है।
उन्होंने इसे “कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की साजिश” बताते हुए कहा कि इससे बाघों और जैव विविधता की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
बाघों की बढ़ती संख्या पर जताई चिंता
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले जहां यह संख्या करीब 40 थी, अब बढ़कर 52 तक पहुंच गई है। ऐसे में CTH क्षेत्र को और मजबूत किया जाना चाहिए, न कि उसे सीमित करने की कोशिश की जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बाघों के विस्तार और प्रजनन को ध्यान में रखते हुए संरक्षित क्षेत्र बढ़ाना जरूरी है।
विचरण और प्रजनन क्षेत्रों को शामिल करने की मांग
जूली ने कहा कि जिन इलाकों में बाघों की नियमित आवाजाही और प्रजनन हो रहा है, उन्हें CTH में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसके उलट इन क्षेत्रों को बाहर करने की दिशा में काम कर रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
पारदर्शिता पर सवाल
उन्होंने राज्य सरकार पर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया। जूली के मुताबिक इस मुद्दे पर न तो कोई ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया और न ही आम जनता या विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
जूली ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाए और वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत पारदर्शी तरीके से CTH की सीमाओं का निर्धारण किया जाए, ताकि बाघों और उनके आवास की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
???? आंदोलन की चेतावनी
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।