अस्पतालों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच

‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान: 100+ अस्पतालों में जांच, 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट

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अस्पतालों की कैंटीन और आसपास के खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन जांच, 1500 किलो खाद्य सामग्री नष्ट

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। अभियान का उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में 100 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पतालों की कैंटीन और रेस्टोरेंट तथा अस्पतालों के आसपास संचालित 172 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा टीमों ने 159 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए और उन्हें प्रयोगशालाओं में भेजा। वहीं करीब 1500 किलोग्राम खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया।

90 कैंटीन और खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना में कमियां पाए जाने पर 90 कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। विभाग की ओर से संबंधित संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित गंभीर कमियां मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

मरीजों के लिए सुरक्षित भोजन जरूरी

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपचार के साथ-साथ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए जाएं और आवश्यकता होने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रदेश के सभी जिलों में हुई जांच

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर अभियान के पहले दिन प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।

सरकारी और निजी अस्पतालों के अंदर तथा उनके आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। विभागीय टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की।

टीमों ने खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति, रसोई परिसर की साफ-सफाई, खाद्य संचालकों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा उपयोग किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया।

इसके अलावा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने तथा उनके सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था की भी जांच की गई। खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों की पालना की स्थिति भी देखी गई।

जयपुर के अस्पतालों में भी कार्रवाई

अभियान के तहत जयपुर में भी कई प्रमुख अस्पतालों की कैंटीन और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जेईसीआरसी हॉस्पिटल और नारायणा हॉस्पिटल की कैंटीनों सहित आसपास के खाद्य प्रतिष्ठान शामिल रहे।

निरीक्षण टीमों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और रसोई परिसर की स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई।

24 से 30 सितंबर तक चलेगा अभियान

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा।

अभियान के दौरान अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों में मरीजों और तीमारदारों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले तथा खाद्य गुणवत्ता से समझौता करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा टीमों की निगरानी में जांच

अभियान के तहत विभागीय टीमें खाद्य प्रतिष्ठानों में पहुंचकर मौके पर खाद्य सामग्री की स्थिति की जांच कर रही हैं। जिन स्थानों पर खाद्य पदार्थों के रखरखाव, स्वच्छता या गुणवत्ता से संबंधित कमियां मिलीं, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

खाद्य नमूनों को प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच के परिणामों के आधार पर नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के माध्यम से विभाग ने अस्पताल परिसरों और उनके आसपास खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों की सख्ती से पालना करने का संदेश दिया है।

मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर

अस्पतालों में आने वाले मरीज और उनके परिजन लंबे समय तक अस्पताल परिसर या उसके आसपास रहते हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाले भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अस्पतालों के आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों को विशेष अभियान के दायरे में लिया है।

अभियान के तहत खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, पेयजल और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

राज्य सरकार और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित इस अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण करना तथा आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान प्रदेशभर में निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।

GOLDEN HIND DESK