भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

SDM नादोती काजल मीना को 60,000 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा

Kajal Meena

करौली जिले में नादौती की उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा (Kajal Meena) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके बाद तो हंगामा मच गया है। हर जुबां पर एक ही सवाल है कि नादौती एसडीएम काजल मीणा कौन हैं? काजल मीणा ने प्रतापगढ़ जिला के सुहागपुरा से तबादला होने के बाद 30 अक्टूबर 2025 को नादौती में कार्यभार संभाला था। नादौती एसडीएम काजल मीणा की बतौर उपखंड अधिकारी दूसरी पोस्टिंग है। दूसरी पोस्टिंग में ही रिश्वत का खेल शुरू हो गया है।

भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

SDM काजल मीणा ने अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी,प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मार्फत परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता (Govind Gupta) ने बताया कि ACB चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में SDM काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है।

SDM समेत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी द्वारा अंजाम दी गई। वहीं एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के निर्देशन में आगे की पूछताछ और जांच जारी है। एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत अनुसंधान जारी है। इस पूरे ऑपरेशन को एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर तथा डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में अंजाम दिया गया। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।