होटल लेमन ट्री पर खाद्य विभाग की कार्रवाई

जयपुर के होटल लेमन ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, पनीर-बाटी के नमूने लिए

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जयपुर के होटल लेमन ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, पनीर-बाटी के नमूने लिए शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत निरीक्षण, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई

 प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में जयपुर के बनीपार्क स्थित होटल लेमन ट्री का खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पनीर और बाटी के नमूने लिए गए, जबकि होटल में मिली एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के सुपरविजन में जयपुर मुख्यालय की सेंट्रल टीम ने गुरुवार को होटल लेमन ट्री का निरीक्षण किया।

टीम ने होटल में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, उपलब्ध खाद्य सामग्री, मेन्यू तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि होटल में ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए।

पनीर और बाटी के नमूने लिए

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने पनीर और बाटी के एक-एक नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिए। दोनों नमूनों को आगे की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

खाद्य प्रयोगशाला में नमूनों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग की ओर से नमूनीकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसलिए नमूनों की प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

एक्सपायर्ड ब्रेड, पीनट बटर और स्वीट कॉर्न नष्ट

होटल के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कुछ एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री भी मिली। टीम ने ऐसी सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया, ताकि उसका इस्तेमाल ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों में न किया जा सके।

नष्ट कराई गई सामग्री में ब्रेड के 6 पैकेट, 1-1 किलोग्राम के पीनट बटर के 2 जार और स्वीट कॉर्न के 6 टिन शामिल थे।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए यह आवश्यक है कि वे खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच करें और निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद ऐसी सामग्री को उपयोग से बाहर रखें।

चाइनीज फूड मेन्यू पर नहीं थी आवश्यक चेतावनी

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल के चाइनीज फूड मेन्यू की भी जांच की। इस दौरान टीम को मेन्यू पर मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) से संबंधित आवश्यक चेतावनी अंकित नहीं मिली।

खाद्य पदार्थों से संबंधित जानकारी और आवश्यक चेतावनियों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रदर्शित करना खाद्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण में सामने आई इस कमी के अलावा अन्य कमियों के संबंध में होटल प्रबंधन को अलग से इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा।

इम्प्रूवमेंट नोटिस के माध्यम से प्रतिष्ठान को सामने आई कमियों में सुधार करने के लिए कहा जाएगा। विभाग द्वारा आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता, उसकी वैधता अवधि, भंडारण व्यवस्था, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। विभाग की टीमें निरीक्षण के दौरान इन पहलुओं की जांच कर रही हैं।

विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा विषय है।

‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान जारी

राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश में ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के माध्यम से खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जा रहा है।

इसके अलावा ऐसे खाद्य उत्पाद जो एक्सपायर्ड हैं, खराब स्थिति में हैं या उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं पाए जाते हैं, उन्हें नियमानुसार नष्ट कराया जा रहा है। खाद्य प्रतिष्ठानों में लेबलिंग और अन्य आवश्यक जानकारी की भी जांच की जा रही है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नमूनों की प्रयोगशाला जांच में यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। इससे खाद्य प्रतिष्ठानों को अपनी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। होटल और रेस्टोरेंट जैसे प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं, इसलिए वहां खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

एक्सपायर्ड सामग्री को अलग रखना, खाद्य पदार्थों को उचित तापमान और परिस्थितियों में स्टोर करना, स्वच्छता बनाए रखना और खाद्य पदार्थों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना खाद्य प्रतिष्ठानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।

जयपुर के होटल लेमन ट्री में हुई कार्रवाई के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को नष्ट कराया जाना इसी दिशा में विभाग की सतर्कता को दर्शाता है। वहीं पनीर और बाटी के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया से खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा।

लगातार जारी रहेगी जांच और कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि प्रदेश में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूनीकरण और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आमजन को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

होटल लेमन ट्री में हुई कार्रवाई के बाद अब पनीर और बाटी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों को भी यह संदेश गया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों, एक्सपायरी डेट और आवश्यक चेतावनियों की अनदेखी नहीं की जा सकती। वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए यह अभियान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाया जा रहा यह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

GOLDEN HIND DESK