ईवीएम का बटन खराब होने से मतदान रुका, चुनाव चिन्ह साफ नहीं दिखने पर निर्दलीय प्रत्याशी ने किया प्रदर्शन
कानोता में तकनीकी खराबी के बाद नई मशीन मंगवाकर शुरू कराया मतदान, शाहपुरा में 25 मिनट तक बंद रही वोटिंग
जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में बुधवार को मतदान जारी रहा। दोपहर 3 बजे तक जिले में औसतन 70 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया। कानोता नगर पालिका में सबसे ज्यादा 81.37 फीसदी मतदान हुआ। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी और बटन से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके चलते कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा।
जयपुर जिले में नगर निकाय चुनाव के लिए कुल 565 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 152 बूथ संवेदनशील श्रेणी में हैं। मतदान शुरू होने के बाद शाहपुरा, चाकसू और कानोता में ईवीएम से संबंधित शिकायतें सामने आईं।
शाहपुरा में 25 मिनट तक मतदान रहा बंद
शाहपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर 40 के बूथ संख्या 49 पर सुबह करीब 8 बजे ईवीएम का एक बटन काम नहीं करने की शिकायत सामने आई। इसके बाद मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल तकनीकी टीम को मौके पर भेजा। टीम ने मशीन को ठीक किया और करीब 25 मिनट बाद सुबह 8:25 बजे मतदान दोबारा शुरू कराया गया।
चाकसू में चुनाव चिन्ह साफ नहीं दिखने पर हंगामा
चाकसू नगर पालिका के बूथ नंबर 18 पर ईवीएम में एक निर्दलीय प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह स्पष्ट दिखाई नहीं देने की शिकायत सामने आई। इसको लेकर प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
हंगामे के कारण कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा। प्रशासन ने मामले को संभालते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
कानोता में मशीन बदली, फिर शुरू हुआ मतदान
कानोता नगर पालिका के वार्ड नंबर 19 स्थित मतदान केंद्र पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। बाद में प्रशासन ने नई ईवीएम मंगवाकर मतदान दोबारा शुरू कराया।
कानोता में मतदान को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और दोपहर 3 बजे तक यहां जिले में सबसे अधिक 81.37 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
मतदाताओं में दिखा उत्साह
जयपुर जिले की अलग-अलग नगरीय निकायों में मतदान को लेकर मतदाताओं में अच्छा उत्साह नजर आया। दोपहर 3 बजे तक दूदू, बस्सी, कानोता, जमवारामगढ़ और वाटिका सहित कई निकायों में 75 फीसदी से अधिक मतदान हो चुका था।
दोपहर 3 बजे तक प्रमुख निकायों में मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा—
| निकाय | मतदान प्रतिशत |
|---|---|
| कानोता | 81.37% |
| बस्सी | 79.05% |
| दूदू | 78.02% |
| वाटिका | 78.36% |
| जमवारामगढ़ | 77.53% |
| नरायना | 77.42% |
| बगरू | 76.83% |
| फागी | 75.44% |
| मनोहरपुर | 75.41% |
| खेजरोली | 75.02% |
| चाकसू | 73.96% |
| कालाडेरा | 72.24% |
| किशनगढ़-रेनवाल | 71.73% |
| जोबनेर | 71.37% |
| शाहपुरा | 69.86% |
| चौमूं | 67.53% |
| फुलेरा | 65.76% |
| सांभर | 62.92% |
18 निकायों में 3.90 लाख से ज्यादा मतदाता
जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में कुल 3,90,378 मतदाता मतदान के लिए पात्र हैं। इनमें 2 नगर परिषदों के 100 वार्ड और 16 नगर पालिकाओं के 437 वार्ड शामिल हैं।
कुल 537 वार्डों के लिए 1,920 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान के लिए कुल 565 बूथ बनाए गए हैं।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| नगर परिषद | 2 |
| नगर पालिका | 16 |
| कुल निकाय | 18 |
| कुल वार्ड | 537 |
| कुल प्रत्याशी | 1,920 |
| कुल मतदाता | 3,90,378 |
| कुल बूथ | 565 |
इन 18 निकायों में हो रहा मतदान
नगर पालिका: मनोहरपुर, फुलेरा, सांभर, नरायना, किशनगढ़-रेनवाल, दूदू, चाकसू, फागी, जोबनेर, खेजरोली, जमवारामगढ़, वाटिका, कानोता, बस्सी, बगरू और कालाडेरा।
मतदान के बाद निर्धारित केंद्रों पर जमा होंगी ईवीएम
मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम मशीनों को जयपुर शहर स्थित भवानी निकेतन में जमा नहीं करेंगी। सभी पोलिंग पार्टियां अपने-अपने निर्धारित मतदान काउंटिंग सेंटरों पर जाकर ईवीएम जमा करवाएंगी।
इनमें चौमूं नगर परिषद की मशीनें राजकीय कन्या महाविद्यालय, चौमूं तथा शाहपुरा की मशीनें श्री कल्याण सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, शाहपुरा में जमा होंगी।
इसी तरह कानोता की ईवीएम महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, कानोता, वाटिका की पं. दीनदयाल उपाध्याय सामुदायिक केंद्र, वाटिका तथा अन्य निकायों की मशीनें निर्धारित केंद्रों पर जमा करवाई जाएंगी।
मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जयपुर जिले के इन 18 नगरीय निकाय क्षेत्रों में मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। राजकीय संस्थानों के साथ निजी संस्थानों में भी अवकाश रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
मतदान के दौरान सामने आई ईवीएम संबंधी तकनीकी समस्याओं के बावजूद प्रशासन ने संबंधित स्थानों पर तकनीकी टीमों की मदद से व्यवस्था को सुचारु रखने का प्रयास किया।
GOLDEN HIND DESK