2 साल बाद भजनलाल सरकार पर कांग्रेस का हमला तेज

भजनलाल सरकार के 2 साल पूरे होते ही कांग्रेस सक्रिय, आंदोलन और जनसुनवाई से सरकार को घेरने की तैयारी

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जयपुर

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने अब सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के स्तर पर मंथन के बाद तय किया गया है कि आने वाले समय में आंदोलन, जनसुनवाई और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की नीतियों और फैसलों को जनता के सामने रखा जाएगा।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे तो किए, लेकिन जमीनी स्तर पर आम जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई। इसी को आधार बनाकर कांग्रेस अब सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनेगी और सरकार से जवाबदेही तय करेगी।

आंदोलन और जनसुनवाई होंगे मुख्य हथियार

PCC सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की नई रणनीति के तहत प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से:

  • जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

  • धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा

  • किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया जाएगा

  • स्थानीय मुद्दों को राज्यस्तरीय मंच पर उठाया जाएगा

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को संगठित रूप देने की मुहिम होगी।

किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का फोकस मुख्य रूप से इन मुद्दों पर रहेगा:

  • बेरोजगारी और रोजगार के अवसर

  • महंगाई और आम आदमी पर बढ़ता आर्थिक दबाव

  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

  • किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे

  • सरकारी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच अंतर

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार का दो साल का कार्यकाल प्रचार आधारित अधिक और परिणाम आधारित कम रहा है।

भाजपा का जवाब और सियासी टकराव तय

वहीं दूसरी ओर, भाजपा सरकार अपने दो साल के कार्यकाल को सुशासन और विकास का मॉडल बताती रही है। सरकार का दावा है कि कई नीतिगत फैसलों से राज्य को नई दिशा मिली है। ऐसे में आने वाले महीनों में सरकार बनाम विपक्ष का सियासी संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस की यह रणनीति राज्य की राजनीति को फिर से सक्रिय मोड में ले जा सकती है, खासकर तब जब जनता से सीधे संवाद को केंद्र में रखा गया है।

आने वाले दिनों में बढ़ेगी राजनीतिक गर्माहट

भजनलाल सरकार के दो साल पूरे होने के बाद अब राजस्थान की राजनीति रिपोर्ट कार्ड बनाम जनआंदोलन के दौर में प्रवेश करती दिख रही है। कांग्रेस जहां सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है, वहीं भाजपा अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में जुटी रहेगी।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि जनसुनवाई और आंदोलन की यह रणनीति कांग्रेस को कितना राजनीतिक लाभ दिला पाती है, और सरकार इस चुनौती का कैसे जवाब देती है।