महान समाज सुधारक और महिला शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके महान योगदान को याद किया।
इस अवसर पर जयपुर स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले सर्किल पर आयोजित समारोह में राज्यपाल ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि फुले केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक महामानव थे, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से समाज में नई चेतना का संचार किया।
सामाजिक सुधार और शिक्षा के अग्रदूत
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने ऐसे समय में समाज सुधार का कार्य किया, जब रूढ़िवादी सोच समाज पर हावी थी। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और महिलाओं व दलित वर्ग को शिक्षा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक पहल की।
फुले द्वारा स्थापित ‘सत्यशोधक समाज’ ने सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया। यह संस्था समाज में समानता, न्याय और भाईचारे के मूल्यों को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।
महिला शिक्षा के लिए ऐतिहासिक योगदान
महात्मा ज्योतिबा फुले ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने जीवन का बड़ा हिस्सा समर्पित किया। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर देश में पहली बालिका विद्यालय की स्थापना की, जो उस समय एक क्रांतिकारी कदम था।
राज्यपाल ने कहा कि आज जिस शिक्षा व्यवस्था का हम लाभ उठा रहे हैं, उसकी नींव महात्मा फुले जैसे महान समाज सुधारकों ने ही रखी थी। उनका यह योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
सामाजिक समरसता का संदेश
राज्यपाल बागडे ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन हमें सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में फैली जातिगत भेदभाव की कुरीतियों का विरोध किया और सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रेरणादायक जीवन प्रसंग साझा किए
राज्यपाल ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के जीवन से जुड़े कई प्रेरणादायक प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज के हित में निरंतर कार्य करते रहे।
उन्होंने महाराष्ट्र में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले स्मारक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थान उनके महान कार्यों की याद दिलाता है और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।
युग प्रवर्तक थे ज्योतिबा फुले
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले एक युग प्रवर्तक थे, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
सच्ची श्रद्धांजलि का संदेश
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने कहा कि महात्मा फुले को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करें।
Golden Hind Desk