सीएम ने फुले जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

2002

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। जयपुर के बाईस गोदाम स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद किया और प्रदेशवासियों से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और एक नई सोच को जन्म दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में महात्मा फुले के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। फुले ने शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया, विशेषकर महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए उन्होंने जो प्रयास किए, वे ऐतिहासिक हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार भी इसी दिशा में कार्य कर रही है और प्रदेश में शिक्षा के विस्तार तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे महात्मा फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के उत्थान में अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज में समान अवसर उपलब्ध कराना ही सच्चे अर्थों में विकास है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास की रोशनी नहीं पहुंचेगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। इस दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

महात्मा ज्योतिबा फुले को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके सामाजिक योगदान का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फुले ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, बाल विवाह, अशिक्षा और महिलाओं के प्रति असमानता जैसी समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने अपने जीवनकाल में कई सामाजिक आंदोलनों का नेतृत्व किया और समाज को जागरूक करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फुले का जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो किसी भी प्रकार की सामाजिक बुराइयों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फुले ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया, जो आज भी प्रेरणादायक है।

इस मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी महात्मा फुले के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विधायक जसवंत यादव, गोपाल शर्मा, देवेन्द्र जोशी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि महात्मा फुले के आदर्शों को अपनाकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और सम्मान से भरा हुआ था। लोगों ने महात्मा फुले के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें फुले के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन हमें यह सिखाता है कि हमें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए हमेशा आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और एक मजबूत, समृद्ध और समावेशी समाज के निर्माण में योगदान दें।

महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के इस अवसर पर दिया गया यह संदेश न केवल समाज के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह हमें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर होने की दिशा भी दिखाता है।

Golden Hind Desk