181 हेल्पलाइन का निरीक्षण, त्वरित निस्तारण के निर्देश

जयपुर में 181 संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का निरीक्षण, वैभव गालरिया ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

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जयपुर :181 संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का निरीक्षण, औसतन 26 दिनों में हो रहा शिकायतों का निस्तारण

 राजस्थान में आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर सरकार लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित 181 संपर्क हेल्पलाइन कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की और मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


परिवादियों से सीधे संवाद

निरीक्षण के दौरान वैभव गालरिया ने आमजन से सीधे फोन पर बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। श्रीगंगानगर, जयपुर और सिरोही के परिवादियों से संवाद करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

इन शिकायतों में पीएल अवकाश भुगतान, फैमिली ग्रेच्युटी, एसआईपीएफ राशि और अन्य वित्तीय मामलों से जुड़े मुद्दे शामिल थे।


26 दिनों में औसत निस्तारण

संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2024 से 24 मार्च 2026 तक वित्त विभाग से जुड़े 718 मामलों में से 601 का निस्तारण किया जा चुका है। इन मामलों को सुलझाने में औसतन 26 दिन का समय लगा और 68 प्रतिशत परिवादियों ने संतुष्टि जताई।

ट्रेजरी एवं अकाउंट्स से जुड़े 5118 मामलों में से 4775 का समाधान किया गया, जहां 70 प्रतिशत नागरिक संतुष्ट पाए गए। वहीं एसआईपीएफ से जुड़े 15,198 मामलों में से 14,457 का निस्तारण हुआ, जिनमें औसतन 23 दिन का समय लगा।


मुख्यमंत्री के निर्देशों पर हो रहा काम

यह पहल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार की जा रही है। आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के सचिव समय-समय पर 181 हेल्पलाइन कंट्रोल रूम में पहुंचकर सीधे संवाद कर रहे हैं।


नागरिकों को मिल रहा लाभ

181 संपर्क हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसका समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इससे सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार हुआ है।

अधिकारियों का कहना है कि लगातार मॉनिटरिंग और सीधा संवाद होने से न केवल शिकायतों का तेजी से समाधान हो रहा है, बल्कि नागरिक संतुष्टि स्तर भी लगातार बेहतर हो रहा है।

Golden Hind Desk