उदयपुर में जनजातीय विरासत और विकास पर मंथन

जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ विकास सरकार की प्राथमिकता : दुर्गा दास उइके

13 07 01

 केंद्रीय जनजाति कार्य राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए विकास की गति को आगे बढ़ाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से मिले सुझावों के आधार पर जनजातीय क्षेत्रों के लिए प्रभावी नीतियां तैयार की जाएंगी।

उदयपुर दौरे के दूसरे दिन रविवार को सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय जनजाति युवा कार्यशाला को संबोधित करते हुए दुर्गा दास उइके ने कहा कि समाज को अपने अतीत के गौरवशाली इतिहास को समझने के साथ वर्तमान परिस्थितियों में सही और गलत की पहचान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता को प्रभावित करने वाली नकारात्मक शक्तियों का मिलकर मुकाबला करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और विकास के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस), पीएम श्री विद्यालय, संसदीय संकुल परियोजना, धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी पहलें महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। उन्होंने बताया कि धरती आबा योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये तथा पीएम जनमन योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि भारत की संस्कृति 'अतिथि देवो भव:' की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए तेजी से कार्य कर रही है तथा इस संबंध में जल्द ही एक डॉक्यूमेंट्री तैयार की जाएगी। साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए जयपुर अथवा दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि पिछले दशक में जनजातीय अस्मिता और जननायकों को सम्मान दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने धरती आबा योजना, पीएम जनमन योजना सहित विभिन्न योजनाओं को जनजातीय विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। उन्होंने कहा कि विरासत के संरक्षण के बिना आदिवासी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यक्रम में टीआरआई निदेशक ओ.पी. जैन, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

सामाजिक संगठनों से लिए सुझाव

संगोष्ठी के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके अशोक नगर स्थित टीआरआई सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनजातीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव और फीडबैक प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा विरासत के संरक्षण के साथ विकास सुनिश्चित करना है तथा जमीनी स्तर से प्राप्त सुझावों को नीति निर्माण में शामिल किया जाएगा।