कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार की रात SMS हॉस्पिटल में निधन हो गया | भरत सिंह कुछ दिनों से बीमार थे और उनका इलाज़ SMS हॉस्पिटल में चल रहा था | कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर को उनके पैतृक गांव कुंदनपुर में किया जाएगा। भरत सिंह अपनी सादगी और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे | भरत सिंह पहले खानपुर से, फिर दीगोद से, और दो बार सांगोद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके थे | उन्होंने राजनीति की शुरुआत एक सरपंच के रूप में की और पंचायतीराज मंत्री तक पहुंचे। वे हमेशा आम लोगों के बीच रहना पसंद करते थे इसलिए उन्होंने बाद में पंच का चुनाव लड़ा और जीतकर जनता की सेवा जारी रखी। 2023 में उन्होंने विधानसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया था। अपने आखिरी पत्र में जनता, समर्थकों और आलोचकों का धन्यवाद करते हुए राजनीति से संन्यास की घोषणा की और कहा कि अब वरिष्ठ नेताओं को युवाओं को मौका देना चाहिए।
पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का निधन !
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार की रात SMS हॉस्पिटल में निधन हो गया
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असम चुनाव 2026: भारतीय जनता पार्टी ने जारी की 88 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, हिमंता बिस्व सरमा जालुकबारी से मैदान में
असम चुनाव 2026: BJP की पहली लिस्ट जारी, 88 उम्मीदवार घोषित; हिमंता सरमा जालुकबारी से मैदान में
असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को 88 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा जालुकबारी सीट से चुनाव लड़ेंगे। वहीं कांग्रेस छोड़कर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। दूसरी ओर भूपेन बोरा बिहपुरिया से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
केरल चुनाव: BJP की दूसरी सूची में 39 उम्मीदवारकेरल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची जारी करते हुए 39 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। अब तक पार्टी कुल 86 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है, जिससे चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।
दिल्ली में हाई-लेवल बैठकअसम और पुडुचेरी चुनाव को लेकर दिल्ली में बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। बैठक में उम्मीदवारों और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
वहीं कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पुडुचेरी चुनाव को लेकर बैठक की।
शशि थरूर ने CM पद से बनाई दूरीकांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं और इस बार चुनाव भी नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का चयन निर्वाचित विधायकों में से होना चाहिए।
बंगाल में नई पार्टी की एंट्रीपश्चिम बंगाल में पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP (आम जनता उन्नयन पार्टी) ने 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इससे राज्य में मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।
दल-बदल से बदला समीकरणअसम में प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होना बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर “लगातार अपमान” का आरोप लगाया है।
ADR रिपोर्ट: आपराधिक मामलों पर चिंताAssociation for Democratic Reforms और केरल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार:
132 विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया
92 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं
33 विधायकों (25%) पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप हैं
निष्कर्षअसम, केरल और अन्य राज्यों में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। उम्मीदवारों की घोषणा, दल-बदल और आपराधिक मामलों के खुलासे इस चुनाव को और अधिक अहम बना रहे हैं। आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण और भी बदल सकते हैं।
बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला, 10 अफसरों का तबादला; दुष्यंत नरियाला नए मुख्य सचिव, सिद्धनाथ गुप्ता DGP
चुनाव आयोग ने राज्य में 10 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है।
Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।
आयोग ने Piyush Pandey की जगह Siddhnath Gupta को नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है।
वहीं Nandini Chakravorty को मुख्य सचिव पद से हटाकर Dushyant Nariyala को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है।
इसके अलावा Supratim Sarkar की जगह Ajay Kumar Nand को कोलकाता पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
गृह सचिव भी बदलेराज्य के गृह सचिव Jagdish Prasad Meena की जगह 1997 बैच की आईएएस Sanghamitra Ghosh को नया गृह सचिव बनाया गया है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
बंगाल में दो चरणों में मतदानचुनाव आयोग ने हाल ही में West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था।
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा:
23 अप्रैल – पहला चरण
29 अप्रैल – दूसरा चरण
वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
EC बोला- निष्पक्ष चुनाव के लिए बदलावचुनाव आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य में प्रशासनिक तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी के तहत यह फैसला लिया गया है।
आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र बनाने के लिए जरूरी प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
राज्यपाल भी बदले थेइससे पहले C. V. Ananda Bose ने इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह R. N. Ravi को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया।
बोस नवंबर 2022 से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। उनके कार्यकाल में कई बार राज्य सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे।
ममता बनर्जी के सामने BJP चुनौतीपश्चिम बंगाल में पिछले 14 साल से Mamata Banerjee मुख्यमंत्री हैं।
अगर इस बार भी All India Trinamool Congress सत्ता में आती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।
उनके सामने मुख्य चुनौती Bharatiya Janata Party की मानी जा रही है।
राज्यसभा की 11 सीटों पर वोटिंग जारी, बिहार में दो कांग्रेस विधायक गायब; फोन बंद, RJD को भी एक विधायक का इंतजार
देश के कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव को लेकर सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान जारी है। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इन राज्यों में क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बिहार में कांग्रेस के दो विधायक नहीं पहुंचे
Bihar में कांग्रेस के दो विधायक Surendra Kushwaha और Manoj Vishwas अब तक मतदान के लिए नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के फोन भी बंद बताए जा रहे हैं।
वहीं Tejashwi Yadav की पार्टी Rashtriya Janata Dal को भी अपने एक विधायक का इंतजार है, जो अभी तक वोट डालने के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे हैं।
अब तक एनडीए के 176 विधायकों ने मतदान कर दिया है, जबकि महागठबंधन की ओर से 37 विधायकों ने वोट डाला है।
हरियाणा में CM नायब सैनी ने डाला पहला वोटHaryana में मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सबसे पहले वोट डाला। सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक कुल 25 विधायक मतदान कर चुके थे।
कांग्रेस के विधायक हिमाचल प्रदेश के कसौली से चंडीगढ़ पहुंचे और Bhupinder Singh Hooda के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद सभी विधायक एक साथ बस में बैठकर विधानसभा पहुंचे और मतदान किया।
बिहार CM नीतीश कुमार ने भी किया मतदानबिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने भी मतदान किया। खास बात यह है कि वे खुद भी राज्यसभा के उम्मीदवार हैं।
37 सीटों में से 26 पर उम्मीदवार निर्विरोधदेश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों में से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
इनमें:
13 सीटें एनडीए को मिली हैं
13 सीटें विपक्षी दलों के खाते में गई हैं
वहीं बाकी 11 सीटों पर आज मतदान जारी है।
NDA को हो सकता है फायदाराजनीतिक गणित के मुताबिक चुनाव के बाद एनडीए को सीटों में फायदा हो सकता है।
पहले इन सीटों में एनडीए के पास 12 सीटें थीं
चुनाव के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 20 तक पहुंच सकती है
यानी एनडीए को करीब 8 सीटों का फायदा होने की संभावना जताई जा रही है।
डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 2000 फीट पर डिस्प्ले बंद, केबिन में धुआं; लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya के हेलीकॉप्टर की शनिवार को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और केबिन में धुआं भरने लगा। इसके बाद पायलट ने तुरंत हेलीकॉप्टर को Chaudhary Charan Singh International Airport (अमौसी एयरपोर्ट) पर उतार दिया।
घटना के समय डिप्टी सीएम लखनऊ से Kaushambi जा रहे थे।
उड़ान के दौरान हुआ तकनीकी फॉल्टसूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री ने सुबह La Martiniere College Ground से हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी थी।
हेलीकॉप्टर करीब 50 किलोमीटर दूर बछरावां तक पहुंच चुका था और लगभग 2000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। तभी अचानक हेलीकॉप्टर का डिस्प्ले बोर्ड बंद हो गया।
पायलट ने तुरंत समझ लिया कि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आ गई है और उसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी।
केबिन में भर गया धुआंएयरपोर्ट की ओर लौटते समय हेलीकॉप्टर से धुआं निकलने लगा, जो धीरे-धीरे केबिन में भर गया।
हालांकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार दिया।
लैंडिंग के बाद सुरक्षा और तकनीकी टीमों ने तुरंत हेलीकॉप्टर को घेर लिया और डिप्टी सीएम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दूसरे हेलीकॉप्टर से जाएंगे कौशांबीघटना के बाद उपमुख्यमंत्री अब दूसरे हेलीकॉप्टर से कौशांबी के लिए रवाना होंगे।
वह वहां केशव बाबू सिंह डिग्री कॉलेज मैदान, सयारा में आयोजित दो दिवसीय सरस महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
यूपी सरकार का हेलीकॉप्टरजिस हेलीकॉप्टर से डिप्टी सीएम यात्रा कर रहे थे वह उत्तर प्रदेश सरकार का हेलीकॉप्टर है और इसकी जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन विभाग के पास है।
इस विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह हैं, जो मुख्यमंत्री के विशेष सचिव भी हैं।
पहले भी हो चुकी हैं इमरजेंसी लैंडिंगडिप्टी सीएम के हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तीन बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।
28 फरवरी 2022 – चुनावी सभा के लिए जाते समय ईंधन की कमी के कारण कुशीनगर में हेलीकॉप्टर उतारना पड़ा।
14 फरवरी 2019 – आजमगढ़ दौरे के लिए उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी आई और लखनऊ में वापस लैंडिंग कराई गई।
30 मार्च 2018 – आजमगढ़ से लौटते समय रायबरेली के फुरसतगंज में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
राजस्थान में टल सकते हैं पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण पर रिपोर्ट अटकी, आयोग ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
राजस्थान : राजस्थान में पंचायत चुनाव समय पर होना मुश्किल नजर आ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह OBC आरक्षण को लेकर आयोग की रिपोर्ट में देरी बताई जा रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि तय समय सीमा में चुनाव कराना चुनौती बन सकता है।
दरअसल, राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र लिखकर बताया है कि पिछड़े वर्ग की जनसंख्या से जुड़े जो आंकड़े उपलब्ध कराए गए हैं, वे अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण हैं। ऐसे में इन आंकड़ों के आधार पर पंचायतों में OBC सीटों का आरक्षण तय करना संभव नहीं है।
आयोग ने पत्र में कहा है कि सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए जाएं कि वे सही और पूर्ण आंकड़े आयोग को भेजें, ताकि आरक्षण प्रक्रिया पूरी की जा सके।
आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ीआयोग के अनुसार पंचायतों से जुड़े कई आंकड़ों में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं।
403 ग्राम पंचायतों में कुल जनसंख्या और OBC जनसंख्या शून्य दिखाई गई
118 पंचायतों में कुल जनसंख्या 1 से 500 बताई गई
266 पंचायतों में जनसंख्या 501 से 1000 के बीच दर्शाई गई
जबकि पंचायतीराज विभाग के नियमों के अनुसार पंचायत का गठन कम से कम 1200 की जनसंख्या पर किया जाता है। इससे स्पष्ट है कि जनसंख्या संबंधी आंकड़े सही नहीं हैं।
SC/ST आरक्षण की जानकारी भी अधूरीआयोग ने यह भी बताया कि पंचायतवार SC और ST आरक्षण से संबंधित जानकारी भी पूरी नहीं भेजी गई है।
पंचायतीराज विभाग को कई बार जानकारी देने के बाद भी 24 फरवरी 2026 तक आयोग को पंचायतवार जनसंख्या और आरक्षण से जुड़ी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
हाईकोर्ट ने दिए थे ये निर्देशराजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को करीब 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि:
31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाए
15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाएं
कोर्ट ने यह भी कहा था कि परिसीमन का अंतिम नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उसे कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।
सरकार का क्या कहना हैपंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के साथ बैठक कर कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव कराने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने OBC आयोग की रिपोर्ट को लेकर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
आयोग पहले भी नहीं दे पाया समय पर रिपोर्टराजस्थान सरकार ने 9 मई 2025 को OBC आयोग का गठन किया था।
अध्यक्ष: मदन लाल भाटी (सेवानिवृत्त न्यायाधीश)
सदस्य: मोहन मोरवाल, डॉ. राजीव सक्सेना, गोपाल कृष्णा और पवन मंडाविया
आयोग समय पर रिपोर्ट नहीं दे पाया, जिसके कारण सरकार को तीन बार आयोग का कार्यकाल बढ़ाना पड़ा। पहले कार्यकाल 31 दिसंबर तक बढ़ाया गया और बाद में 31 मार्च 2026 तक।
सरकार के पास कोर्ट जाने के 4 विकल्पविशेषज्ञों के अनुसार सरकार के पास अब चार विकल्प हो सकते हैं:
कोर्ट से OBC आरक्षण तय करने के लिए अतिरिक्त समय मांगना
बिना OBC आरक्षण के चुनाव कराने का विकल्प
आरक्षित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए समय बढ़ाने की मांग
समय मिलने पर वन स्टेट-वन इलेक्शन की योजना लागू करना
113 निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकारइससे पहले राज्य सरकार 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में SLP भी दायर कर चुकी है।
हाईकोर्ट ने 113 शहरी निकायों में वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण बताते हुए रद्द कर दिया था, जिसके बाद सरकार ने नई परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय मांगा है।
बड़ा सवालअब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब तक OBC आयोग को सही आंकड़े नहीं मिलते, तब तक क्या पंचायत चुनाव समय पर हो पाएंगे या सरकार को एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।