दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनेगा राजस्थान के पिछड़े क्षेत्रों के विकास का नया आधार, कोटा को मिली कई बड़ी सड़क परियोजनाओं की सौगात
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग, निवेश और क्षेत्रीय विकास का नया आधार बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों से यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, वहां आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और पिछड़े इलाकों के विकास को नई दिशा मिलेगी।
गडकरी बुधवार को कोटा जिले के गोपालपुरा-मंडाना में आयोजित आमसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
1.10 लाख करोड़ रुपये की परियोजना, 80 प्रतिशत कार्य पूरा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना पर लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये की लागत आ रही है और इसका 75 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में दिल्ली से मुंबई के नरीमन पॉइंट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक सड़क मार्ग से लगभग 12 घंटे में यात्रा संभव हो जाएगी। इससे देश के परिवहन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
कोटा को मिली कई नई सड़क परियोजनाएं
गडकरी ने कोटा क्षेत्र के लिए कई नई परियोजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि एनएच-52 से मुकुंदरा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को बाईपास करते हुए 8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत से लिंक रोड बनाया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने बालापुरा के रास्ते कोटा को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 21 किलोमीटर लंबे चार लेन ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग के निर्माण की भी घोषणा की। इन दोनों परियोजनाओं पर अगले तीन महीनों में काम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भवानीमंडी को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
चंबल एक्सप्रेसवे अब कहलाएगा 'अटल एक्सप्रेसवे'
कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक कोटा से इटावा तक बनने वाले नए एक्सप्रेसवे को लेकर रही। गडकरी ने कहा कि पहले प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेसवे का नाम बदलकर अब अटल एक्सप्रेसवे रखा जाएगा।
करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को समर्पित होगी और इसका निर्माण शीघ्र शुरू किया जाएगा।
राजस्थान के विकास में धन की कमी नहीं आने देंगे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को देश का आदर्श राज्य बनाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देगी तथा विकास परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
विकसित भारत के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे का निर्माण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सड़कें, सुरंगें और एक्सप्रेसवे केवल यात्रा को आसान नहीं बनाते बल्कि निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को भी गति देते हैं। जहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होता है, वहां उद्योग लगते हैं, व्यापार बढ़ता है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
सड़क निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से विश्वस्तरीय सड़क निर्माण कर रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 80 लाख टन कचरे का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा चुका है।
इसके अलावा बायो-बिटुमिन जैसी पर्यावरण अनुकूल नई तकनीकों का उपयोग भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे सड़क निर्माण अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बन रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गडकरी की सराहना की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में देश में सड़क विकास का नया इतिहास लिखा गया है।
उन्होंने कहा कि कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा, अलवर और झालावाड़ जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाला विश्वस्तरीय दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतमाला परियोजना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राजस्थान के औद्योगिक, पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति देंगे।
मुकुंदरा टनल भारतीय इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का मुकुंदरा टनल प्रोजेक्ट आधुनिक भारतीय इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है।
कठिन पहाड़ी क्षेत्र में विश्वस्तरीय तकनीक से तैयार इस टनल में सुरक्षा, वेंटिलेशन और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। यह भारत की बढ़ती इंजीनियरिंग क्षमता का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि कोटा (डीसीएम) रोड से उम्मेदगंज तक चार लेन स्पर एलिवेटेड रोड की डीपीआर भी तैयार की जा रही है।
ढाई वर्षों में कोटा के लिए 5 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले लगभग ढाई वर्षों में कोटा जिले के विकास के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत बनाने के साथ-साथ शिक्षा, उद्योग, कृषि और पर्यटन क्षेत्र में भी लगातार निवेश किया जा रहा है।
ओम बिरला बोले—देश की लाइफलाइन बनेगा एक्सप्रेसवे
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों से देशभर में हाईवे और एक्सप्रेसवे का मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में देश की लाइफलाइन साबित होगा और इससे राजस्थान सहित पूरे देश में आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भी सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए यमुना जल समझौता और राम जल सेतु जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है, जो जल सुरक्षित और विकसित राजस्थान की मजबूत नींव बनेंगी।
एक्सप्रेसवे का किया निरीक्षण
इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बूंदी के लबान इंटरचेंज पहुंचकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी में धान, सैंड स्टोन और राजीविका के स्टॉल का अवलोकन किया।
GOLDEN HIND DESK